अरावली पर्वत श्रृंखला पर सच्चाई: सरकार का स्पष्ट जवाब

अरावली पर्वत श्रृंखला पर सच्चाई: सरकार का स्पष्ट जवाब

केंद्र सरकार ने अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर फैल रही अफ़वाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार का कहना है कि अरावली क्षेत्र का 90% से अधिक हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा

🔹 मुख्य बातें समझिए सरल भाषा में

Aravalli Range का कुल क्षेत्रफल लगभग 1.44 लाख वर्ग किलोमीटर है

इसमें से सिर्फ 0.19% क्षेत्र में ही वैध खनन संभव है

बाकी पूरा क्षेत्र संरक्षित और सुरक्षित रहेगा

🔹 100 मीटर नियम का सच

सरकार ने साफ किया कि:

100 मीटर से नीचे की जमीन अपने आप खनन के लिए खुली नहीं होती

किसी भी पहाड़ी के चारों ओर का निचला क्षेत्र (बेस एरिया) भी सुरक्षित माना जाएगा

अगर दो पहाड़ियां 500 मीटर के अंदर हैं, तो उनके बीच का इलाका भी अरावली रेंज का हिस्सा माना जाएगा

🔹 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

Supreme Court of India ने 20 नवंबर 2025 को नई परिभाषा को मंजूरी दी

जब तक पूरे अरावली क्षेत्र के लिए सस्टेनेबल माइनिंग मैनेजमेंट प्लान नहीं बनता:

❌ कोई नई खनन लीज़ नहीं दी जाएगी

यह योजना Indian Council of Forestry Research and Education (ICFRE) तैयार करेगा

🔹 पर्यावरण मंत्री का बयान

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री Bhupender Yadav ने कहा:

“अरावली को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। 90% से ज्यादा क्षेत्र अब पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा।”

🔹 कहाँ-कहाँ खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा

संरक्षित वन क्षेत्र

ईको-सेंसिटिव ज़ोन

टाइगर रिज़र्व

वेटलैंड्स

इन सभी के आसपास के क्षेत्र

🔹 असली खतरा क्या है?

सरकार के अनुसार:

असली समस्या अवैध और अनियंत्रित खनन है

इसे रोकने के लिए:

ड्रोन निगरानी

सैटेलाइट मैपिंग

सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है

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